Indian History

महाजनपद एवं मगध साम्राज्य

महाजनपद एवं मगध साम्राज्य

। महात्मा बुद्ध के आविर्भाव के पूर्व भारतवर्ष 16 महाजनपदों में विभक्त था। जिसका उल्लेख बौद्ध ग्रन्थ अंगुतर निकाय, महावस्तु एवं जैन ग्रन्थ भगवती सूत्र में मिलता है।

क्र.      जनपद                      राजधानी

  1.          मगध                  राजगृह (गिरिव्रज)
  2.          अंग                          चम्पा
  3.          काशी                    वाराणसी
  4.         कोशल                अयोध्या/श्रावस्ती
  5.         वज्जि                     मिथिला/विदेह
  6.         चेदि                      शक्तिमती
  7.        मल्ल                       कुशामती
  8.        कुरु                        इन्द्रप्रस्थ
  9.        वत्स                       कौशाम्बी
  10.       पांचाल                    अहिच्छत्र
  11.       शूरसेन                     मथुरा
  12.       मत्स्य                    विराटनगर
  13.       अश्मक                   पोतना
  14.       अवन्ति                  उज्जयिनी
  15.       कम्बोज                 हाटक
  16.        गन्धार                 तक्षशिला

 

मगध साम्राज्य का उदय

* पुराणों के अनुसार मगध के सबसे प्राचीन राजवंश  का संस्थापक वृहद्रथ था।

वह जरासंध का पिता एवं वसु का पुत्र था।

*बिम्बिसार (544-492 .पू.) :

बौद्ध ग्रन्थों के अनुसार मगध का प्रथम शासक बिम्बिसार था। वह हर्यक वंश का संस्थापक था।

*अजातशत्रु (492-460 .पू.)

अजातशत्रु ने अपने पिता बिम्बिसार की हत्या कर बलात् सिंहासन पर अधिकार कर लिया। उसे ‘कुणिक’ कहा जाता था।

* अजातशत्रु के शासनकाल के आठवें वर्ष में बुद्ध को महापरिनिर्वाण प्राप्त हुआ था।

*उदयिन (लगभग 460-444 .पू.): उदयिन के शासनकाल की सर्वप्रमुख घटना गंगा और सोन नदियों के संगम पर पाटलिपुत्र (कुसुमपुरा) नामक नगर की स्थापना है। उसने राजगृह से यहाँ पर अपनी राजधानी स्थानान्तरित की।

शिशुनाग वंश (लगभग 412-344 . पू.) : 

* बौद्ध ग्रन्थों के अनुसार शिशुनाग ने 18 वर्ष और पुराणों के अनुसार 40 वर्षों तक शासन किया। शिशुनाग नाग वंश का प्रथम शासक था। इसने वैशाली को मगध की दूसरी राजधानी बनाया।

नन्दवंश (344-324/23 . पू.)

* शिशुनाग वंश के पश्चात् नन्दवंश की स्थापना हुई।

* इस वंश का अन्तिम शासक घनानन्द था। इसके समय में सिकन्दर ने पश्चिमोत्तर भारत पर आक्रमण किया था। 322 ई. पू. में चन्द्रगुप्त मौर्य ने अपने गुरूं चाणक्य की सहायता से घनानन्द की हत्या कर मौर्य वंश के शासन की नींव डाली।

Imp. Questions

  1. मगध के उत्थान के लिए कौनसा प्रथम शासक उत्तरदायी था? —बिम्बिसार
  2. .उस राज्य का नाम बताइए जिसने पहली बार युद्ध में हाथियों का इस्तेमाल किया —मगध
  3. मगध के राजवंश कालक्रमानुसार —हर्यक वंश, शिशुनाग वंश, नन्द वंश, मौर्य वंश
  4. छठी शताब्दी ईसा पूर्व के 16 महाजनपदों के विषय में किस बौद्ध ग्रन्थ में जानकारी मिलती है? –अंगुत्तर निकाय
  5. पाटलीपुत्र के संस्थापक थे-उदयिन

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *