Indian History

मुगल काल

मुगल काल

(बाबर (1526-30 ई.)

० जहीरुद्दीन मुहम्मद बाबर भारत में मुगल वंश का संस्थापकथा। उसका जन्म 14 फरवरी, 1483 को फरगना में हुआ था।

* तोपखाने का प्रयोग भारत में बाबर की सफलता का एक प्रमुख कारण था।

बाबर द्वारा निम्न महत्वपूर्ण युद्ध लड़े गये

  1. पानीपत का प्रथम युद्ध : 21 अप्रैल, 1526 को बाबर ने इब्राहीम लोदी को हराया।
  2. खानवा का युद्ध : 17 मार्च, 1527 ई. को खानवा में बाबर ने राणा सांगा को पराजित कर दिया। बाबर ने खानवा युद्ध में जेहाद का नारा दिया। उसने युद्ध में विजयी होकर ‘गाजी’ की उपाधि धारण की। .
  3.  चंदेरी का युद्ध : 1528 में बाबर ने चंदेरी के शासक मेदिनी राय को हराया।
  4. घाघरा का युद्ध : 1529 में बाबर ने अफगानों को हराया। बाबर की मृत्यु 26 दिसंबर, 1530 ई. को हुई। बाबर का मृत शरीर पहले यमुना के किनारे आगरा के आरामबाग में दफनाया गया। लेकिन बाद में उसकी इच्छा के अनुसार काबुल में दफनाया गया।

० बाबर ने अपनी आत्मकथा ‘बाबरनामा’ या तुजुक ए

बाबरी’ लिखी, जो तुर्की भाषा में है।

हुमायूँ (1530-1556 ई.))

० हुमायूँ बाबर का ज्येष्ठ पुत्र था तथा बाबर की मृत्यु के पश्चात 1530 ई. में आगरा में गद्दी पर बैठा। .

० हुमायूँ ने तैमूरी परम्परा के अनुसार अपने साम्राज्य को भाईयों में बांट दिया।

० चौसा का युद्ध (1539 ई.):

* हुमायूँ तथा शेरशाह के बीच बक्सर के निकट चौसा नामक स्थान पर 1539 ई. में युद्ध हुआ, जिसमें मुगलों की पराजय हुई। हुमायूं को एक निजाम भिश्ती के द्वारा गंगा नदी को पार करवा करके बचाया। बाद में उस भिश्ती को हमायूं ने एक दिन के लिए बादशाह बनाया। चौसा की जीत के बाद शेरखाँ ने ‘शेरशाह’ की उपाधि धारण की। शेरशाह का वास्तविक नाम फरीद था।

बिलग्राम का युद्ध (1540 ई.)

कन्नौज के निकट बिलग्राम  नामक स्थान पर गंगा नदी के तट पर शेरशाह ने पन को परास्त कर दिया। हुमायूं किसी तरह जान बचा पाया ईरान की तरफ पलायन कर गया। दिल्ली की गददी शेरशाह का अधिकार हो गया।

हुमायूँ द्वारा पुन: साम्राज्य प्राप्ति :

* 1555 ई. में ईरान के शाह तथा बैरम खाँ की मदद से उसने पुनः दिल्ली पर अधिकार कर लिया।

* 1556 में पुस्तकालय की सीढ़ी से गिरकर हुमायूं की मृत्यु हो गई। लेनपूल ने उसकी मृत्यु पर लिखा, “वह जीवन भर ठोकरें खाता रहा तथा अन्त में ठोकर खाकर ही उसकी मृत्यु हुई।”

* हुमायूँ की सौतेली बहन गुलबदन बेगम ने ‘हुमायूँनामा’ लिखा।

(अकबर (1556-1605 ई.)

० अकबर का जन्म 15 अक्टूबर, 1542 ई. को अमरकोट के राजपूत राजा वीरसाल के महल में हुआ था।

  • अकबर के बचपन का नाम बदरूद्दीन था।
  • 14 फरवरी, 1556 को कलानौर (पंजाब) नामक स्थान पर बैरम खाँ की देखरेख में अकबर का राज्याभिषेक किया गया।

*  अकबर 1556 ई. से 1560 ई. तक बैरम खाँ के संरक्षण में रहा। अकबर ने बैरम खाँ को खान-ए-खाना की उपाधि दी।

* पानीपत का दूसरा युद्ध (5 नवम्बर, 1556) :

हेमू के नेतृत्व : में अफगान सेना व बैरम खाँ के नेतृत्व में मुगल सेना के मध्य पानीपत का दूसरा युद्ध हुआ। इस युद्ध में मुगल विजयी रहे।

० पर्दाशासन : 1560-62 के बीच वास्तविक शासन अकबर

की धाय माँ माहम अनगा, उसके पुत्र अधम खाँ के हाथ में

था। इस अवधि (1560-62) को पर्दाशासन या पेटीकोट

  • सरकार की संज्ञा दी है।

अकबर के काल की महत्वपूर्ण घटनाएँ

वर्ष                           घटना .

1542 ई.               अकबर का जन्म

1556 ई.              अकबर की ताजपोशी .

1562 ई.              दासप्रथा का अन्त .

1563 ई.             तीर्थयात्रा कर की समाप्ति

1564 ई.               जजिया कर की समाप्ति

1571 ई.            फतेहपुर सीकरी की स्थापना तथा

राजधानी बनना .

1575 ई.             इबादतखाना स्थापित .

1582 ई.               दीन-ए-इलाही की घोषणा .

1583 ई.               इलाही संवत की स्थापना .

1605 ई.               अकबर की मृत्यु

*1572 ई. में   अकबर ने गुजरात पर आक्रमण किया।

गुजरात – विजय के उपलक्ष्य में अकबर ने राजधानी फतेहपुर सीकरी में बुलन्द दरवाजा बनाया।

हल्दीघाटी युद्ध (1576 ई): महाराणा प्रताप की सेना व मानसिंह तथा आसफ खां के नेतृत्व में मुगल सेना के मध्य हुआ।

1603 में असीरगढ़ को जीता गया। कहा जाता है कि अकबर ने असीरगढ़ के किले का दरवाजा “सोने की कुंजियों से खोला। यह अकबर की आखिरी विजय थी।

0 दीन-ए-इलाही : अकबर ने एक नवधर्म की स्थापना की, जिसे ‘दीन-ए-इलाही’ कहा गया। अबुल फजल इस सम्प्रदाय के प्रधान पुरोहित थे। इस धर्म में सम्मिलित होने वाला पहला

हिन्दू राजा बीरबल था।

अकबर के नवरत्न :

  1. अबुल फजल : यह अकबर का मुख्य सलाहकार व सचिव था। इसने अकबरनामा की रचना की तथा अकबर का राजत्व प्रतिपादित किया। .
  2. टोडरमल : यह प्रारम्भ में शेरशाह के अधीन कार्य करता था तथा रोहतासगढ़ के किले के निर्माण से सम्बद्ध रहा। अकबर के अधीन इसने दीवान के रूप में कार्य किया। यह भू-राजस्व व्यवस्था में सुधार विशेषकर दहसाला प्रणाली के लिए प्रसिद्ध है।
  3. मानसिंह : यह आमेर के कछवाहा शासक भारमल का पौत्र था तथा इसने अनेक सैन्य अभियानों का नेतृत्व किया।
  4. बीरबल : यह अकबर का साथी एवं मित्र था तथा अपनी वाक्पटुता एवं बुद्धिमत्ता के लिए लोक प्रसिद्ध है। बीरबल का मूल नाम महेशदास था तथा यह काल्पी का ब्राह्मण था।
  5. तानसेनः यह महान संगीतकार था। पहले यह ग्वालियर के ‘राजा के दरबार में था। इसका मूल नाम रामतनू पाण्डेय था। कालान्तर में इसने इस्लाम स्वीकार कर लिया। अकबर ने इसे

कण्ठाभरण वाणी विलास’ की उपाधि दी।
6. अब्दुर्ररहीम खानखाना : यह बैरम खाँ का पुत्र था। इसे अकबर ने अपने पुत्र की तरह पाला था। इसने बाबरनामा का फारसी में अनुवाद किया तथा रहीम नाम से हिन्दी साहित्य में

अप्रतिम योगदान दिया।

  1. फैजी : अकबर का दरबारी राजकवि था।
  2. मुल्ला दो प्याजा : अरब मूल का था, ‘दो प्याजा’ उसकी उपाधि थी।
  3. हकीम मुकाम : यह अकबर का प्रधान रसोइया था।

जिहाँगीर (1605-1627 ई.))

० जहांगीर का जन्म 30 अगस्त, 1569 को फतेहपुर सीकरी में . शेख सलीम चिश्ती की कुटिया में हुआ था।

० जहांगीर का असली नाम मुहम्मद सलीम था।

० सलीम का 3 नवम्बर, 1605 को राज्याभिषेक हुआ। इसके उपरांत ‘नुरुद्दीन मुहम्मद जहांगीर बादशाह’ की उपाधि धारण की।

० गद्दी पर बैठते ही जहाँगीर को अपने पुत्र खुसरो के विद्रोह (1606 ई.) का सामना करना पड़ा। गुरु अर्जुन देव, मानसिंह व खाने आजम (अजीज कोका) ने खुसरो का साथ दिया। सिक्खों के पांचवे गुरु अर्जुन देव को शाहजादा खुसरो को सहायता देने के आरोप में मृत्यु दण्ड दिया।

1611 ई. में जहांगीर ने मेहरून्निसा नामक शेर अफगान की विधवा से विवाह करके उसे (नूरजहाँ) नूरमहल की उपाधि दी। 1613 ई. में उसे बादशाह बेगम या पट्टमहिषी बनाया गया।

नूरजहां के पिता ग्यास बेग को दीवान या राज्य कर मंत्री नियुक्त किया गया तथा उसे एतमाद्दौला की उपाधि दी गई।

० ब्रिटिश सम्राट जेम्स प्रथम का दूत कैप्टन हाकिन्स (1608 11) तथा सर टामस रो (1615-19) उसके दरबार में आए थे।

जहांगीर के समय में सबसे अधिक प्रगति चित्रकला की हुई। जहांगीर के समय को ‘चित्रकला का स्वर्णकाल’ कहा जाता है।

० जहांगीर की मृत्यु 1627 ई. में लाहौर में हुई। वहीं पर शहादरा में उसका मकबरा है।

(शाहजहाँ (1627-1658 ई.))

० शाहजहाँ का जन्म 5 जनवरी, 1592 को लाहौर में हुआ। उसके बचपन का नाम खुर्रम था। 1612 ई. में इसका विवाह आसफ खां की पुत्री अंजुर्मद बानो बेगम (मुमताज महल) से हुआ। शाहजहां ने इसी की याद में ताजमहल बनवाया। शाहजादा खुर्रम को ‘शाहजहां’ की उपाधि जहांगीर ने 1617 ई. में दक्षिण के अभियान (अहमदनगर) की सफलता पर दी थी। उसने 1636 ई में बीजापुर और गोलकुण्डा के साथ संधि की। गोलकुंडा के वजीर मुहम्मद सैय्यद (मीर जुमला) ने शाहजहां को कोहिनूर हीरा भेंट किया।

० शाहजहाँ ने 1636-37 में सिजदा व पायबोस पर प्रतिबंध लगा दिया और उसके बदले चहार-तस्लीम की प्रथा चलायी। उसने इलाही संवत के स्थान पर हिजरी संवत चलाया।

उत्तराधिकार का युद्ध :

* औरंगजेब ने 6 सितम्बर, 1657 ई. में शाहजहां को पकड़ कर आगरा के किले में कैद कर दिया तथा अपने भाईयों दाराशिकोह, मुराद व शुजा को मार कर स्वयं गद्दी पर बैठा।

* 15 अप्रैल, 1658 में धरमत युद्ध में औरंगजेब व मुरादबख्श की संयुक्त सेना ने जसवंत सिंह व कासिम खां की संयुक्त शाही सैना को पराजित किया। 29 मई, 1658 को सामूगढ़ के युद्ध में औरंगजेब व मुराद की संयुक्त सेना ने शाही सेना को पराजित किया। इस युद्ध में दाराशिकोह के भाग्य का निर्णय हो गया।

* अप्रैल, 1659 में देवराई के युद्ध में औरंगजेब ने दाराशिकोह को अंतिम रूप से पराजित किया। दारा को मृत्युदंड दिया गया व हुमायूं के मकबरे में दफना दिया गया।

 (औरंगजेब (1658-1707 ई.))

० औरंगजेब का दो बार राज्याभिषेक हुआ था। प्रथम राज्याभिषेक 31 जुलाई, 1658 ई. को दिल्ली में हुआ और अबुल मुजफ्फर आलमगीर के रूप में हुआ और दूसरा राज्याभिषेक 5 जून, 1659 को दिल्ली में हुआ। मुगलों के साथ शिवाजी का पहला संघर्ष 1656 ई. में आरम्भ हुआ था। पुरन्दर की सन्धि – जून 1665 ई. में शिवाजी व राजा जयसिंह के बीच हुई थी। शिवाजी 1666 ई. में औरंगजेब के आगरा दरबार में ‘दीवाने आम’ में पहुँचे, परन्तु उन्हें कैद कर जयपुर भवन में रख दिया गया। वहां से वे गुप्त रूप से भाग कर महाराष्ट्र पहुंच गए। 1686 ई. में औरंगजेब स्वयं दक्षिण पहुंचा व बीजापुर पर कब्जा कर लिया।

० 1679 ई. में औरंगजेब ने हिन्दुओं पर पुनः जजिया कर लगा दिया। इसने झरोखा दर्शन व संगीत पर रोक लगायी।

० उसे जिंदापीर व शाही दरवेश कहा जाता था।

० 1707 ई. में औरंगाबाद में उसकी मृत्यु हो गई।

(मुगलकालीन स्थापत्य कला)

० हुमायूँ ने दिल्ली में दीन-पनाह, आगरा में एक किला तथापंजाब में फतेहाबाद में एक मस्जिद बनवायी।

अकबर द्वारा निर्मित दिल्ली में हुमायूं का मकबरा भारतीय तथा फारसी स्थापत्य का उत्कृष्ट नमूना है। यह पूरी तरह सफेद संगमरमर का बना है।

० अकबर ने आगरा का किला (1565-73 ई.) इलाहाबाद का किला तथा लाहौर का किला बनवाया।

० अकबर ने आगरा के निकट पश्चिम में सीकरी की पहाड़ी पर एक नवीन राजधानी की स्थापना की। 1572 ई. में गुजरात की विजय की स्मृति में नवीन नगर का नाम फतेहपुर (विजय नगरी) रखा गया।

फतेहपुर सीकरी का सर्वाधिक महत्वपूर्ण भवन जामा मस्जिद है, जिसे फतेहपुर सीकरी का गौरव कहा जाता है। जामा मस्जिद का दक्षिणी प्रवेश द्वार बुलन्द दरवाजा है। फतेहपुर सीकरी में ही शेख सलीम चिश्ती की शुद्ध संगमरमर से निर्मित दरगाह है। ..

1639 ई. में शाहजहाँ ने अपने नाम पर एक नवीन राजधानी शाहजहांबाद की दिल्ली में नीवं डाली, जिसका निर्माण कार्य 1648 ई. में पूरा हुआ। दिल्ली का लाल किला, लाल बलुआ पत्थर से निर्मित है।

o दिल्ली के लाल किला के अन्दर शाहजहाँ द्वारा निर्मित भवन है- दीवान-ए-आम, मुमताज या खासमहल, रंगमहल या इम्तियाज महल। रंगमहल के मध्य में नहर-ए-बहिश्त नामक

० कृत्रिम नहर बहती थी। दीवान-ए-खास में ही तख्त-ए-ताऊस या मयूर सिंहासन को प्रतिस्थापित किया गया था। दीवान-ए खास पर ही यह उक्ति अंकित है- “पृथ्वी पर यदि कहीं स्वर्ग है, तो वह यहीं है।’ आगरा में शाहजहां ने अपनी पत्नी अंजुर्मद बानो बेगम (मुमताज) की यादगार में ताजमहल के नाम से उसका मकरा बनवाया।

 ० औरंगजेब ने अपनी पत्नी रबिया-उद्-दौरानी का मकबरा जो बीबी का मकबरा कहलाता है, औरंगाबाद में बनवाया जो ताजमहल की फूहड़ नकल है। औरंगजेब का मकबरा औरंगाबाद में है।

IMP.QUESTIONS

  1.   मध्यकालीन भारत में किसने पहली बार युद्ध में तोपों काइस्तेमाल किया?      —बाबर
  2. भारत में मनसबदारी प्रथा किसने शुरू की?      —अकबर
  3. .ताजमहल को ‘संगमरगर के स्वप्न (a dream in marble) कहा जाता है। किस स्मारक को ‘पत्थर में स्वप्न’ कहा जाता  थी?    — पंचमहल
  4. भारत का प्रथम मुगल बादशाह कौन था?       —बाबर
  5. पानीपत की पहली लड़ाई किस वर्ष लड़ी गई थी?    —1526  
  6. दिल्ली में मुगल साम्राज्य की नींव किस लड़ाई के परिणामस्वरूप पड़ी? पानीपत की पहली लड़ाई .
  7. खानवा के युद्ध में बाबर द्वारा पराजित किया जाने वाला राजपूत राजा था?-राणा सांगा
  8. बाबर की मृत्यु कहाँ हुई थी? —आगरा  
  9. 1540 ई. में किस युद्ध के पश्चात् हुमायूं को हिंदुस्तान से बाहर कर दिया गया था? कन्नौज़. (बिलग्राम का युद्ध)
  10. दिल्ली में हुमायूं का मकबरा किसने बनवाया था?हाजी बेगम
  11. मेधावी राजस्व अधिकारी टोडरमल ने किसके अधीन सेवा की –शेरशाह (मेधावी राजस्व अधिकारी टोडरमल अकबर की सेवा से पहले शेरशाह के अधीन नौकरी करते थे।
  12. महाभारत’ का फारसी में अनुवाद किसने किया थाबदायूंनी
  13. आइने-अकबरी’ पुस्तक का लेखक कौन है—अबुल फजल
  14. अकबरनामा’ किसने लिखा था? – अबुल फजल
  15. हल्दीघाटी की लड़ाई किनके बीच लड़ी गई थी?–अकबर और राणा प्रताप
  16. फतेहपुर सीकरी का निर्माण किसने किया?– अकबर
  17. अकबर अपना धार्मिक विचार-विमर्श कहाँ करता था? -इबादत खाना
  18. अकबर के आरंभिक दिनों में उसका ‘रीजेंट (संरक्षक)’ कौन था? —बैरम खां
  19. किस शासक ने जजिया कर समाप्त किया था? —अकबर
  20. अकबर का प्रसिद्ध राजस्व मंत्री कौन था?–टोडरमल
  21. दीन-ए-इलाही’ एक नया धर्म किसके द्वारा शुरू किया गया –अकबर
  22. किसके शासनकाल में तुलसीदास ने रामचरितमानस लिखी? — अकबर
  23. .किन मुगल सम्राटों ने स्वयं अपनी आत्मकथा लिखी थी?—बाबर और जहांगी
  24. इंग्लैण्ड के तत्कालीन राजा जेम्स I द्वारा जहाँगीर के शाही दरबार में राजदूत के रूप में किसको भेजा गया था? जॉन हॉकिंस
  25. किस मुगल शहशाह ने तम्बाकू के प्रयोग का निषेध किया? —जहांगीर
  26. किस मुगल शहंशाह ने मुगल राजधानी आगरा से दिल्लीस्थानांतरित की? — शाहजहाँ
  27. शाहजहाँ का प्रसिद्ध तख्त-ए-ताऊस 1739 ई. में कौन ले गया थाफारसी आक्रामक नादिर शाह
  28. मुगल शासकों की दरबारी (अदालती) भाषा थी- —फारसी
  29. भारत में बीबी का मकबरा कहाँ स्थित है-   —औरंगाबाद
  30. पानीपत का प्रथम युद्ध किसके मध्य हुआ? __बाबर और इब्राहीम लोदी
  31. टोडरमल संबंधित है —मालगुजारी सुधारों
  32. दिल्ली की प्रसिद्ध जामा मस्जिद का निर्माण किसने करवाया? शाहजहाँ
  33. दिल्ली के लाल किले का निर्माण किसने करवाया? शाहजहाँ
  34. किस मुगल बादशाह का दो बार राज्याभिषेक हुआ?-औरंगजेब
  35. औरंगजेब ने दक्षिण में किन दो राज्यों को विजित किया था? —बीजापुर एवं गोलकुंडा
  36. जजिया’ किसके शासनकाल में पुनः लगाया गया था? औरंगजेब
  37. कौनसा मकबरा ‘द्वितीय ताजमहल’ कहलाता है?राबिया-उद-दौरानी का मकबरा +
  38. मुगल चित्रकला ने किसके शासनकाल में उन्नति की?-–जहांगीर
  39. हुमायूंनामा की रचना किसने की थी?—-गुलबदन बेगम

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