Indian History

यूनानी आक्रमण

। यूनानी आक्रमण ।

० 326 ई. पू. में सिकन्दर ने हिन्दूकुश पर्वत को पार कर भारत पर आक्रमण किया। झेलम नदी के तट पर पौरव राजा पोरस व सिकन्दर के बीच वितस्ता का युद्ध (हाइडेस्पीज का युद्ध) हुआ जिसमें पोरस की पराजय हुई।

* सिकन्दर के हमले के समय उत्तर भारत पर नंद राजवंश का शासन था। मगध का राजा घनानन्द सिकन्दर (महान) के समकालीन था।

* मौर्य काल (324-184 .पू.) भारत में ऐतिहासिक युग की शुरूआत मौर्यकाल से ही होती है। क्योंकि इसके लिखित स्त्रोत उपलब्ध है।

चन्द्रगुप्त मौर्य (323-295 .पू.)

*मौर्य वंश का संस्थापक चन्द्रगुप्त मौर्य था। बौद्ध ग्रन्थों के अनुसार घनानन्द को मारकर चन्द्रगुप्त मगध का सम्राट बना। चन्द्रगुप्त को चाणक्य (कौटिल्य) ने राजकार्य की शिक्षा दी।

* चन्द्रगुप्त मौर्य के जीवन निर्माण में कौटिल्य का महत्वपूर्ण योगदान था। जब चन्द्रगुप्त मौर्य भारत का एकछत्र सम्राट बना तो कौटिल्य प्रधानमंत्री, महामंत्री तथा पुरोहित के पद पर आसीन हुए। कौटिल्य (चाणक्य) द्वारा मौर्य काल में रचित अर्थशास्त्र शासन के सिद्धान्तों (राजनीतिक नीतियां) की पुस्तक है। चाणक्य तक्षशिला विश्वविद्यालय में अध्यापक था। कौटिल्य के अर्थशास्त्र की तुलना में मैकियावली के प्रिंस से की जाती है।

सेल्यूकस के साथ संघर्ष (305 .पू.) : 

* 305 ई. पू. में सिन्धु नदी के किनारे ग्रीक (यूनानी) क्षत्रप सेल्यूकस निकेटर एवं चन्द्रगुप्त के बीच युद्ध हुआ। इस युद्ध में सेल्यूकस पराजित हुआ।

*युद्ध के बाद हुई सन्धि के अनुसार सेल्यूकस ने अपनी पुत्री हेलेना का विवाह चन्द्रगुप्त से कर दिया तथा एरिया (हेरात) अराकोसिया (कन्धार), पेरि-पेमिसदई (काबुल) तथा जेड्रोसिया (ब्लूचिस्तान) चन्द्रगुप्त को सौंप दिया।

*मेगास्थनीज : मेगास्थनीज यूनानी शासक सेल्यूकस राजदूत के रूप में पाटलिपुत्र आया था और लगभग वर्षों (304-299 ई.पूर्व) तक यहाँ रहा था। उसने ‘इण्डिका’ नामक पुस्तक की रचना की।

* जैन परम्परा के अनुसार अपनी वृद्धावस्था में चन्द्रगप्प जैन साधु भद्रबाहु की शिष्यता ग्रहण की तथा दोहर ‘श्रवणबेलगोला’ (कर्नाटक) नामक स्थान पर आकर बस गये। यहीं पर उसने एक जैन भिक्षु की भांति ‘निराहम्’ रहकर समाधिस्थ होकर 298 ई. पू. में प्राण त्याग दिये।

(बिन्दुसार (298-272 ई.पू.)

० यूनानी लेखक ने इसे अमित्रोचेट्स या अमित्रोघात कहा है. जिसका अर्थ है शत्रुओं का नाश करने वाला। इसका एक नाम सिंहसेन एवं भद्रसार भी था।

० बिन्दुसार आजीवक सम्प्रदाय का अनुयायी था।

(अशोक (269-232 ई.पू.)

० बिन्दुसार की मृत्यु के पश्चात् उसका पुत्र अशोक गद्दी पर बैठा।

० अशोक 273 ई.पू. में गद्दी पर बैठा परन्तु उसका राज्याभिषेक 4 वर्ष बाद 269 ई. पू. में हुआ।

० अशोक ने अपने राज्याभिषेक (269 ई.पू.) के आठवें वर्ष अर्थात् ‘261 ई.पू. में कलिंग पर आक्रमण किया था। इसका स्पष्ट साक्ष्य अशोक के तेरहवें शिलालेख में मिलता है।

० कलिंग युद्ध की भिष्णता ने अशोक पर गहरा प्रभाव डाला।

अशोक ने युद्ध की नीति को सदा के लिए त्याग दिया और दिग्विजय के स्थान पर ‘धम्म विजय’ की नीति को अपनाया।

० राजतरंगिणी के अनुसार अशोक ने कश्मीर में श्रीनगर तथा नेपाल में देवपत्तन नामक नगर बसाया।

* सारनाथ स्तम्भ का निर्माण अशोक ने कराया था। इस स्तम्भ के शीर्ष पर सिंह की आकृति बनी है जो शक्ति का प्रतीक है। इस प्रतिकृति को भारत सरकार ने अपने प्रतीक के रूप में लिया है। ० सांची के स्तूप का निर्माण अशोक ने कराया था।

० अशोक के अभिलेखों की लिपि को पहली बार ब्रिटिश इतिहासकार जेम्स प्रिंसेप ने 1835-36 ई. में पढ़ा। अशोक के अभिलेखों की भाषा प्राकृत है जबकि लिपि मुख्यतया ब्राह्मी है।

              

 IMP. QUESTIONS

  1. .यूनानियों को भारत से बाहर किसने निकाला था? –चन्द्रगुप्त मौर्य
  2. चन्द्रगुप्त मौर्य ने अपने अन्तिम दिन कहाँ गुजारे? –-श्रवणबेलगोला
  3. .देवानामप्रिय के नाम से कौन विख्यात है?— अशोक
  4. पाटलिपुत्र चन्द्रगुप्त मौर्य अपने अन्तिम समय में किस धर्म का अनुयायी हो गया था?-जैन
  5. अशोक के सारनाथ सिंह स्तम्भ के फलक पर प्रदर्शित पशुओं केका सही क्रम है— अश्व, सिंह, हाथी और वृषभ
  6. मौर्यकाल में विभिन्न प्रान्तों की राजधानी

उत्तरापत         – तक्षशिला

अवन्ति राष्ट्र –     उज्जयिनी (उज्जैन)

प्राची –           पाटलिपुत्र

कलिंग       –    तोसलि

दक्षिणापथ –       सुवर्णगिरि

7.कलिंग युद्ध किस वर्ष में हुआ था?  — 261 ई.पू.

8.चन्द्रगुप्त मौर्य के दरबार में भेजा गया यूनानी राजदूत था—मेगास्थनीज

8.मौर्यकाल के दौरान शिक्षा का सबसे प्रसिद्ध केन्द्र कौनसा था? —तक्षशिला

9.. अशक ने किस बौद्ध साधु से प्रभावित होकर बौद्ध धर्म अपनाया? —उपगुप्त

10मौर्य वंश के तत्काल बाद किस वंश ने आकर मगध राज्य परशासन किया?  _ शुंग वंश

11.अशोक के शासनकाल में बौद्ध सभा किस नगर में आयोजित की गई थी?  —पाटलिपुत्र

12.सांची का स्तूप किसने बनवाया था? —अशोक

13.अशोक ने शिलालेखों में प्रयुक्त भाषा है—प्राकृत

14.अशोक के अभिलेखों को सर्वप्रथम पढ़ा था-जेम्स प्रिंसेप

15.अशोक ने धम्म प्रचारक के रूप में श्रीलंका किसको भेजा? —महेन्द्र तथा संघमित्रा

16.कलिंग युद्ध की विजय तथा क्षतियों का वर्णन अशोक केकिस शिलालेख में है? —13वें शिलालेख

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