Indian History

सूफी एवं भक्ति आंदोलन 

सूफी एवं भक्ति आंदोलन 

(चिश्ती सम्प्रदाय)

० सैय्यद मुहम्मद हाफिज के अनुसार चिश्ती भारत का सर्वप्रथम प्राचीन सूफी सिलसिला है। ख्वाजा मुइनुद्दीन चिश्ती सन् 1192 ई. में (12वीं शताब्दी) में शिहाबुद्दीन गौरी की सेना के साथ भारत आए थे और बाद में इन्होंने चिश्तियाँ परम्परा की नींव डाली। मुइनुद्दीन चिश्ती ने अजमेर में अपना निवास स्थान बनाया उनकी समाधि अजमेर में ‘ख्वाजासाहब’ के नाम से प्रसिद्ध दरगाह है।

० चिश्ती सन्तों में सबसे प्रसिद्ध है निजामुद्दीन औलिया (1238 1325 ई.) और नासिरुद्दीन चिराग-ए-दिल्ली (मृत्यु-1356 ई.)

भक्ति आन्दोलन

० भक्ति आंदोलन के प्रणेता शंकराचार्य थे। शंकराचार्य ने अद्वैत दर्शन की स्थापना की तथा मोक्ष प्राप्ति के लिए ज्ञानपर अधिक बल दिया।

० रामानुज का दार्शनिक सिद्धान्त विशिष्ट द्वैतवाद कहलाता है।

० निम्बार्क द्वैताद्वैतवाद में विश्वास रखते थे।

० माध्वाचार्य ने द्वैतवाद का प्रचार किया।

० गुरु नानक सिख धर्म के संस्थापक थे।

 

संस्थापक                     मत

शंकराचार्य                – अद्वैतवाद.

माधवाचार्य                – द्वैतवाद .

वल्लभाचार्य               – शुद्धद्वैतवाद

रामानुजाचार्य              – विशिष्ट द्वैतवाद

निम्बाकाचार्य             – द्वैताद्वैतवाद

 सिखों के दस गुरु

  1. गुरु नानक (1469-1538 ई) : इन्होंने सिख धर्म कीस्थापना की और लंगर व्यवस्था प्रारम्भ की।
  2. गुरु अंगद (1539-1552 ई.): सिखों के दूसरे गुरु, गुरुमुखी लिपि का आविष्कार किया।
  3. गुरु अमरदास (1552-1574 ई.): सिख संप्रदाय को सुदृढ़बनाया, अनुशासन पर विशेष बल, लंगर प्रथा चालू की, मुगलबादशाह अकबर ने पंजाब में मुलाकात की।
  4. गुरु रामदास (1574-1581 ई.) : अमृतसर की स्थापना, अकबर ने भूमि दान में दी, अमृतसर का कुंड बनवाया, मनसदप्रथा का प्रचलन, गुरु पद को पैतृक बनाया।
  5. गुरु अर्जुन (1581- 1606 ई.) : अमृतसर में स्वर्ण मंदिरबनवाया, मनसद प्रथा को सुनिश्चित स्वरूप प्रदान किया, आध्यात्मिक कर प्रणाली प्रारंभ की, आदि ग्रंथ (गुरु ग्रंथ साहिब का संकलन), खुसरो को आर्शीवाद देने पर जहांगीर ने 1606 में फाँसी दे दी।
  6. गुरु हरगोविंद (1606-1645 ई.): सिखों को लड़ाकू जातिबनाया, अकाल तख्त की स्थापना, शाहजहाँ से कई बार युद्धकिया।
  7. गुरु हरराय (1645-1661 ई.)
  8. गुरु हरकिशन (1661 – 1664 ई.)
  9. गुरु तेगबहादुर (1664-1675 ई.): इस्लाम धर्म स्वीकार नकरने के कारण औरंगजेब ने फाँसी दे दी।
  10. गुरु गोविंद सिंह (1675-1708 ई.): ‘खालसा पंथ कीस्थापना, औरंगजेब से आजीवन संघर्ष, सिखों के अंतिम गुरु, औरंगजेब ने इनके दो पुत्रों को दीवार में चुनवा दिया, अपनी मृत्यु से कुछ समय पहले इन्होंने गुरु-प्रथा समाप्त कर दी।

Imp. Questions

  1. भक्ति आंदोलन का प्रारम्भ किया गया– आलवार संतों द्वारा
  2. रामानुजाचार्य किससे संबंधित हैं?–विशिष्टाद्वैत
  3. ‘शद्ध अद्वैतवाद’ का प्रतिपादन किया था –वल्लभाचार्य
  4. गुरुनानक का जन्म स्थान है–ननकाना
  5. तुलसीदास किसके समकालीन थे? —अकबर और जहांगीर
  6. ‘रामचरितमानस’ नामक ग्रंथ के रचयिता थे तुलसीदास
  7. भारत में चिश्तिया सूफी सन्त को स्थापित किया–ख्वाजा मुइनुद्दीन
  8. पंजाब में अमृतसर नगर को स्थापित किया था-गुरु रामदास
  9. किस सिक्ख गुरु को अकबर ने 500 बीघा जमीन दान दी थी? –रामदास
  10. आदि ग्रंथ अथवा गुरु ग्रंथ साहेब का संकलन किसने किया   — गुरु अर्जुन देव
  11. किस सिक्ख गुरु की मृत्यु के लिए औरंगजेब जिम्मेदार है? –गुरु तेग बहादुर
  12. पटना में किस सिख गुरु का जन्म हुआ था?– गोविंद सिंह
  13. किस सिक्ख गुरु ने खालसा पंथ की स्थापना की थी? —गुरु गोविंद सिंह
  14. सिक्खों के अंतिम गुरु थे-–गुरु गोविंद सिंह 

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